Sher Shivraj hai.... Love this Poem

इन्द्र जिमि जृम्भा पर

बाडव सअंभ पर

रावण सदंभ पर

रघुकुल राज है !


पवन बारिबाह पर

संभु रतिनाह पर

ज्यों सहसबाह पर

राम द्विजराज हैं !


दावा दृमदंड पर

चीता मृगझुन्द पर

भूषण वितुण्ड पर

जैसे मृगराज हैं !


तेज तमअंस पर

कन्ह जिमि कंस पर

त्यों म्लेंच्छ बंस पर

शेर शिवराज हैं!!!!!!!!!!!

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